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मौसम

बरसते बादल दिन में और बरसातों वाली रात हैं सुकून के सिलसिले, जल्द आएंगी सूखी सर्द हवाएं, फिर इक बार अाहों को बहलाने, गर्मी की लू भी ले ही आयेंगी रंगारंग फूलों वाली गालियां जैसे होता है हर बार,   ठीक वैसे ही जैसे तुझसे जुदाई का मौसम है बरक़रार सालोसाल।

प्यार स्वादानुसार

मेरी बातों में खुद को न खोज, ऐ दीवाने, कहीं हर लफ्ज़ में खुद को पा के परेशान तू न हो जाए। मुस्कुराता देखना चाहते तो हो मुझे तुम हर दम, पर क्या हो, अगर हर मुस्कान की वजह तुम हो जाओ। मेरे पीछे से, हर कदम पर मेरे सलामती हो चाहते, बस पलट के […]

वादा

लफ़्ज़ों-वाले वादे चलो छोड़े देतें हैं काहे अल्फ़ाज़ों का बोझ उठाए तुम और हम? नज़रें कर लेतीं हैं गिरते-उठते जो, दस्तखत कहीं लगते हैं ऐसे वादों को? उँगलियाँ तुम्हारी छूकर निकल गई जो मुझे उछाल गई एहसास, हज़ारों-करोड़ो से, आँखों को चूमना, आंसुओं को पीना, लबों के कोनो को तुम्हारे, मुस्कुराहटों में बदलना… ये सारे […]

Flight

“ They chatted and giggled together. Making up stories of people around them at the airport. Their hands brushed every once in a while. Shoulders touched as one helped the other pick up a bag. They smiled a knowing, excited, awkward smile. Her pretty eyes met his charming smile. Almost at the same time, both […]

Sunglasses

He sat there on the first seat of the bus, right next to the door. I saw him even as I fumbled my way up the steps into the bus, files in one hand, big bag in another, head inclined to keep my sunglasses from falling off. It was full. The bus, it was full. […]

सूखे आँसू

ख़त्म हुई बातें प्यारा भी न रहा ये सन्नाटा खूबसूरत थी वो तड़प अब है खरोचती ये बेक़रारी दे दी खुशियाँ हो गये  शुरू ये ग़म बह गये सारे रह गयीं ख़ाली ये आँखें कौन सम्भाले सिवाय मेरे अब ये उदासी?

ये न ग…

chal maajhya barobar

चालला तू आपल्या मित्रान बरोबर, हसरे सगळे, मस्त मस्ती करत करत. हळूच मागे वळून, शोधलं मला, “ये न ग…” डोळे तुझे म्हणून गेले… मन माझा गेला थांबून, “यायचय मला” सांगून राहिला, अाग्रहाची गरज नाही तुझ्या डोळ्यांकडनं, पण विचारलं त्यांनी, हा विचारच किती… मी अाले ना अाले, फरक आता पडत नाही, तुझं विचारणच् जणु, सगळं काही…